Wednesday, 8 June 2016

बिना नाम का फोल्डर बनायें और कारण भी जानें

How To Create A Folder Without Name And find out the reason

कंप्‍यूटर में नया फोल्डर या फाइल बनाने के साथ उसको नाम भी देना पडता है, ताकि उसमें जब किसी फाइल को रखा जाये तो आसानी से खोजा सके, लेकिन एक तरीका ऐसा भ्‍ाी है जिससे बिना नाम का फोल्डर या फाइल बनाई जा सकती है, ऐसा बहुत से लोग करते भी हैं, लेकिन क्‍या वाकई में इस कंप्‍यूटर बिना नाम का फोल्डर या फाइल बनाता है या यह हमारा भ्रम है आइये जानते हैं - 

किसी फाइल या फाेल्‍डर को बिना नाम के बनाना-

फोल्‍डर बनाने के लिये उसे कोई ना कोई नाम देना पडता ही है, लेकिन एक ट्रिक है जिससे आप बिना नाम का फोल्‍डर बनाकर अपने दोस्‍तों को चकित कर कर सकते हो,
  • इसके लिये डेस्‍कटॉप पर किसी जगह पर राइट क्लिक कीजिये 
  • नया फोल्डर या फाइल बनाईये या आप पहले से बने किसी फोल्‍डर पर भी यह प्रयोग कर सकते हैं। 
  • माउस से राइट क्लिक कीजिये। 
  • अब रिनेम कीजिये। 
  • नाम टाइप करने के बजाये की-बोर्ड से Alt+ 160 या Alt + 255 दबाइये और एन्‍टर कीजिये। 
  • अगर आप लैपटॉप इस्‍तेमाल कर रहे हैं और उसमें न्‍यूमैरिक की-पैड नहीं है तो अलग से की-बोर्ड लगा लें।
  • तैयार है आपका बिना नाम फोल्‍डर और फाइल 

जानें यह ट्रिक काम कैसे करती है ?

यदि आप हिन्दी टाईपिंग जानते हैं तो आपको एक बात जरूर मालूम होगी और वह यह कि हमको हिन्दी टाईपिंग करते समय बहुत सारे ऐसे अक्षरों या चिन्हों की आवश्यकता पड़ती है जो साधारणत्यः Alphabetical keys से प्राप्त नहीं किए जा सकते। उसके लिये शार्टकट की का प्रयोग किया जाता है। उदाहरण के लिए हिन्दी टाईप करते समय यदि आपको एक Small Bracket लाना होता है तो आपको Alt key  के साथ में 188 और Alt key  के साथ 189 को दबाना होगा। उसी तरह से आप एमएस वर्ड या कोई अन्‍य टैस्‍क्‍ट एडीटर खोलें और उसमें इंग्‍िलश फाण्‍ट सेटकर लें और अब अपने की बोर्ड से Alt key  के साथ 255 को दबाएँ तो क्या होता है? यहाँ पर कोई कैरेक्टर बनने के बजाए एक ऐसा अक्षर बनता है जो की एक खाली स्‍पेस की तरह होता है और जब वही खाली स्‍पेस जैसा अक्षर आप आप किसी फाइल के रीनेम करते वक्त दबाते हैं तो वह फाइल या फोल्‍डर बिना नाम का दिखता है पर ऐसा होता नहीं हैं। यहाँ पर एक बात को ध्यान में रखिए की जो स्‍पेशल कैरेक्टर Alt+255 से बनता है वह वास्तव में एक ब्‍लैंक स्‍पेस नहीं होता बल्कि उस की तरह दिखता है। यदि ऐसा होता तो आपका कंप्‍यूटर फाइल को रीनेम करते वक्त स्‍पेस-की को दबाते से ही बिना नाम का फोल्डर पाता। मगर ऐसा नहीं है। असल उसका भी एक नाम होता है भले ही हम उसे ना पढ पायें।

क्या है फ़िशिंग - what is phishing

what is phishing

जिस प्रकार मछली पकडने के लिये कॉटे में चारा लगाकर डाला जाता है और चारा खाने के लालच या धोखे में आकर मछली कॉटें में फंस जाती है। उसी प्रकार फ़िशिंग भी हैकर्स द्वारा इन्‍टरनेट पर नकली बेवसाइट या ईमेल के माध्‍यम से इन्‍टरनेट यूजर्स के साथ की गयी धोखेबाजी को कहते हैं। जिसमें वह आपकी निजी जानकारी को धोखेबाजी के माध्‍यम से चुरा लेते हैं और उसका गलत उपयोग करते हैं। 
यह अपराधी फ़िशिंग के माध्‍यम से आपको नकली ईमेल या संदेश भेजते हैं, जो किसी प्रतिष्ठित कम्‍पनी, आपकी बैंक, आपकी क्रेडिट कार्ड कम्‍पनी, ऑनलाइन शॉपिंग की तरह मिलते-जुलते होते हैं, अगर आप सतर्क नहीं हैं तो आप इनके झॉसे में जल्‍द ही आ जाते हैं। इन नकली ईमेल या संदेश का उद्देश्‍य से आपकी PII यानी पर्सनल आइडेंटिफाइएबल इन्फ़ॉर्मेशन को चुराना है। पर्सनल आइडेंटिफाइएबल इन्फ़ॉर्मेशन के अन्‍तर्गत आपकी निजी जानकारियॉ आती है जैसे - 
  1. आपका नाम 
  2. आपकी ईमेल यूजर आई0डी
  3. आपका पासवर्ड 
  4. आपका मोबाइल नम्‍बर या फोन नम्‍बर
  5. आपका पता
  6. बैंक खाता नम्‍बर
  7. एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड तथा क्रेडिट कार्ड नम्‍बर 
  8. एटीएम कार्ड, डेबिट कार्ड तथा क्रेडिट कार्ड आदि का वेलिडेशन कोड
  9. आपकी जन्‍मतिथि 

गूगल कैसे कमाता है पैसे


बच्चों से लेकर हर बड़ा-बुढ़ा इंसान गूगल का दिवाना है। गूगल ना हो तो लोग आज-कल जीना ही छोड़ देंगे। अपनी रोज़ की ज़िंदगी में लोग गूगल को ऐसे फ्री में जब चाहे तब यूज़ कर रहे हैं। अगर कभी कुछ समझ ना आए तो लोग किसी और से राय नहीं बल्कि गूगल से राय लेते हैं।
गूगल कंपनी अपने यूजर्स को सर्विसेस फ्री में देती है, लेकिन फिर भी दुनिया की टॉप रेवेन्यु कमाने वाली कंपनियों में से एक है। क्या आप जानते हैं कि गूगल अपने यूजर्स को फ्री सर्विस देने के बाद भी करोड़ों कैसे कमा लेती है? हम जिन सेवाओं को मुफ्त समझते हैं, गूगल उन्हीं के बल पर कहीं और से कमाई करती है। अन्य कंपनियां हमारे बारे में जानकारियां गूगल से खरीदती हैं या उसे अपने विज्ञापनों के लिए पैसा देती हैं। विज्ञापन पर हर क्लिक के लिए गूगल चंद सेंट से लेकर सैकड़ों डॉलर तक वसूल करती है।
techaunty.com आपको बताती है कि सिर्फ एक मिनट में कितना कमाती है गूगल:
Gizmodo Australia वेबसाइट के मुताबिक, साल 2014 में हर मिनट गूगल 149,288 डॉलर (लगभग- 99 लाख रुपए) का रेवेन्यू जनरेट करती है। जिसमें से प्रॉफिट 23509 डॉलर (लगभग 15 लाख रुपए) है।
विज्ञापन से होती है 97 प्रतिशत कमाई: रिपोर्ट के अनुसार 2015 की Q2 (दूसरी तिमाही) में गूगल की कुल कमाई 17.3 बिलियन डॉलर (लगभग 109284.1 करोड़ रुपए) थी। इसमें से 97 प्रतिशत सिर्फ विज्ञापनों से आया था। गूगल की एडवर्टाइजिंग स्ट्रैटजी में कीवर्ड्स के हिसाब से भी पैसे कमाए जाते हैं। wordstream.com के आर्टिकल के हिसाब से 20 सबसे एक्सपेंसिव कीवर्ड्स में से पहला इन्श्योरेंस (insurance) है। इसके बाद लोन (loan) कीवर्ड दूसरे नंबर पर है। (ये आंकड़े बदलते भी रहते हैं।)